रायपुर। छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के करीब 255 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित विकास कार्यों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। यह लोकार्पण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से जोड़ा गया।
इस परियोजना के तहत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में नए पुलिस थानों और चौकियों, पुलिसकर्मियों के लिए आवासीय भवन, प्रशिक्षण केंद्र और आधुनिक अधोसंरचना सुविधाओं का निर्माण किया गया है। इन विकास कार्यों का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्षम, आधुनिक और जनोन्मुखी बनाना है।
इन सुविधाओं के शुरू होने से पुलिस की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और अपराध नियंत्रण में भी मजबूती मिलेगी। नए थानों और चौकियों के माध्यम से पुलिस की पहुंच दूर-दराज के इलाकों तक आसान होगी, जिससे कानून-व्यवस्था को बेहतर ढंग से संभालने में मदद मिलेगी।
पुलिसकर्मियों के लिए बनाए गए आवासीय भवनों से उनके जीवन स्तर में सुधार होगा और बेहतर कार्य वातावरण मिलने से उनका मनोबल भी बढ़ेगा। वहीं, आधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों और तकनीकी सुविधाओं से पुलिस बल को नई चुनौतियों से निपटने में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पुलिस विभाग को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है और इन विकास कार्यों के माध्यम से राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा रहा है। वर्चुअल लोकार्पण के साथ ही ये सभी परियोजनाएं अब आम जनता की सेवा के लिए पूरी तरह से शुरू हो चुकी हैं।

