मुंगेली, त्रिलोक कोशले। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के दिशा-निर्देशानुसार जिला मुंगेली के शासकीय हाई स्कूल नवागांव घु, बी आर साव शासकीय पूर्व माध्यमिक, विधायक मुंगेली और शासकीय हाई स्कूल सुरेठा के ईको क्लब के छात्रों के लिए गिदवा-परसदा पक्षी विहार केंद्र और मदकू द्वीप पर्यटन केंद्र में एक दिवसीय ‘नेचर कैंप’ का सफल आयोजन किया गया।
नेचर कैंप का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति के करीब लाना और उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना था। इस दौरान छात्रों ने प्रवासी पक्षियों के जीवन का अध्ययन किया और गिदवा-परसदा पक्षी विहार केंद्र का भ्रमण कर दूर देशों से आने वाले पक्षियों की जानकारी प्राप्त की। ईको क्लब के विशेषज्ञों ने बताया कि ये पक्षी अत्यधिक ठंड और भोजन की कमी के कारण हजारों मील की यात्रा कर यहाँ आते हैं, और स्थानीय वेटलैंड्स उनके लिए सुरक्षित आश्रय और भोजन प्रदान करते हैं।
भ्रमण का अगला पड़ाव मडकू द्वीप रहा, जहां बच्चों को प्राकृतिक संसाधनों और वर्षा जल संरक्षण (Rain Water Harvesting) के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। शिक्षकों ने बताया कि गिरते भू-जल स्तर को रोकने के लिए बारिश की हर बूंद को संरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही बच्चों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक रोकने और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
शिविर के दौरान एम.आर. कुर्रे प्राचार्य (हाई स्कूल नवागांव), शशिप्रभा सोनी प्राचार्य (हाई स्कूल सुरेठा), बेदराम पटेल (जिला समन्वयक, ईको क्लब मुंगेली) और मनाकृष्ण चंद्राकर (ईको क्लब मास्टर ट्रेनर) ने बच्चों को तकनीकी सत्रों के माध्यम से मार्गदर्शन और पर्यावरण संरक्षण संबंधी ज्ञान प्रदान किया।
कार्यक्रम में अन्य शिक्षकों और स्थानीय नेतृत्व का भी विशेष योगदान रहा। शिविर के समापन पर बच्चों ने शपथ ली कि वे न केवल स्वयं पर्यावरण की रक्षा करेंगे, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त वातावरण के लिए जागरूक करेंगे।
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