छत्तीसगढ़ में उप निर्वाचन 2026 की तैयारी की शुरू, राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी विभागों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश

छत्तीसगढ़ में उप निर्वाचन 2026 की तैयारी की शुरू, राज्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी विभागों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिका एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम/उप निर्वाचन 2026 की तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। इस संबंध में आयोग कार्यालय, नवा रायपुर में राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह (भा.प्र.से. सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें निर्वाचन की तैयारियों, प्रशासनिक समन्वय और समयबद्ध कार्यवाही पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि स्थानीय निकायों के आम एवं उप निर्वाचन 2026 से संबंधित सभी आवश्यक कार्यवाहियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण की जाएं, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न कराई जा सके।

बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव बसवराजू एस., संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास रिमिजियुस एक्का, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया, राज्य निर्वाचन आयोग की सचिव शिखा राजपूत तिवारी सहित आयोग एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान में नगरीय निकाय उप निर्वाचन के अंतर्गत नगरपालिका अध्यक्ष के 2 पद और पार्षदों के 15 पद रिक्त हैं। इसके अलावा राज्य में नवगठित चार नगर पंचायतों—घुमका (राजनांदगांव), बम्हनीडीह (जांजगीर-चांपा), शिवनंदनपुर (सूरजपुर) और पलारी (बालोद) में अध्यक्ष के 4 पद तथा पार्षदों के कुल 60 पद रिक्त हैं, जिन पर निर्वाचन कराया जाना आवश्यक है।

इसी तरह त्रिस्तरीय पंचायतों में जनपद पंचायत सदस्य के 5 पद, सरपंच के 73 पद और पंच के 965 पद रिक्त हैं। इस प्रकार पंचायत स्तर पर कुल 1043 पदों पर आम अथवा उप निर्वाचन कराया जाना शेष है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने नवगठित नगर पंचायत तमनार (रायगढ़) और बड़ी करेली (धमतरी) में वार्ड परिसीमन एवं आरक्षण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर आयोग को अवगत कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अद्यतन मतदाता सूची शीघ्र प्राप्त कर स्थानीय निकायों के उप निर्वाचन हेतु प्राथमिकता के आधार पर मतदाता सूची तैयार की जाए, ताकि आयोग द्वारा तय समय-सीमा में लंबित निर्वाचन प्रक्रिया पूरी की जा सके।


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