अमलेश्वर में 20 वर्षों पुरानी परंपरा का जीवंत उत्सव, भव्य जस गीत आयोजन ने बांधा समां

अमलेश्वर में 20 वर्षों पुरानी परंपरा का जीवंत उत्सव, भव्य जस गीत आयोजन ने बांधा समां

रायपुर। राजधानी रायपुर से लगे अमलेश्वर क्षेत्र में परंपरा, संस्कृति और लोकआस्था का अनूठा संगम देखने को मिला, जहां भव्य जस गीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन पिछले 20 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा है और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का सशक्त माध्यम बन चुका है।

तीन दिनों तक चले इस जस गीत कार्यक्रम में हर दिन श्रद्धा और भक्ति का अलग-अलग रंग देखने को मिला। लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों और भक्तिमय वातावरण ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक लोकगीतों की गूंज और आस्था से ओतप्रोत माहौल ने आयोजन को विशेष बना दिया।

आयोजन की खास बात यह रही कि तीन दिनों में एक दिन विशाल मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों सहित आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने भाग लिया। मेले में पारंपरिक वस्तुओं, खानपान और मनोरंजन के साधनों ने लोगों को आकर्षित किया।

परंपरा, संस्कृति और लोकगीतों से सजा यह जस गीत आयोजन आज अमलेश्वर की पहचान बन चुका है और आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का कार्य कर रहा है।


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