CG Naxal Encounter : सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, 4 महिला समेत 6 नक्सली ढेर, कमेटी चीफ दिलीप भी मारा गया

CG Naxal Encounter : सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, 4 महिला समेत 6 नक्सली ढेर, कमेटी चीफ दिलीप भी मारा गया

Bijapur Naxal Encounter: छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा से सटे बीजापुर नेशनल पार्क इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 4 महिला नक्सलियों समेत 6 नक्सली मारे गए हैं। मारे गए नक्सलियों में नेशनल पार्क एरिया कमेटी चीफ दिलीप वेंडजा भी शामिल है।एनकाउंटर के बाद जवानों ने मौके से सभी नक्सलियों के शवों के साथ 2 AK-47 राइफल, इंसास, कार्बाइन और 303 राइफल बरामद की हैं।

नक्सली कमांडर पापाराव का इलाका

जिस इलाके में यह मुठभेड़ हुई, वह खूंखार नक्सली लीडर पापाराव का गढ़ माना जाता है। पापाराव नेशनल पार्क क्षेत्र का इंचार्ज है और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZCM) का इकलौता सदस्य है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यदि पापाराव मारा जाता है, तो यह कमेटी पूरी तरह खत्म हो जाएगी और नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा।

17 जनवरी को शुरू हुआ ऑपरेशन

सुरक्षाबलों को खुफिया सूचना मिली थी कि नेशनल पार्क इलाके में पापाराव के साथ बड़ी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसके बाद 17 जनवरी को डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीम को इलाके में भेजा गया। 18 जनवरी को हुई मुठभेड़ में नेशनल पार्क एरिया कमेटी चीफ दिलीप वेंडजा, ACM माड़वी कोसा, ACM लक्खी मड़काम और PM राधा मेट्टा मारे गए। सर्च ऑपरेशन के दौरान दो और नक्सलियों के शव मिले, जिससे कुल संख्या 6 हो गई।

23 बड़े नक्सली पिछले डेढ़ साल में मारे गए

पिछले डेढ़ साल में सुरक्षाबलों ने 23 बड़े नक्सलियों को मार गिराया है। इनमें माड़वी हिड़मा, बसवाराजू, गणेश उइके जैसे कुख्यात नक्सली नेता शामिल हैं। इसके अलावा भूपति, रूपेश और रामधेर जैसे कई बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ आत्मसमर्पण भी किया है।

अब सिर्फ तीन शीर्ष नक्सली बचे

फिलहाल नक्सल संगठन में केवल तीन बड़े नेता सक्रिय बताए जा रहे हैं थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी, मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति, और मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर। इनकी तलाश में छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र, ओडिशा और आंध्र प्रदेश की पुलिस लगातार अभियान चला रही है।

पापाराव की तलाश जारी

पापाराव छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले का रहने वाला है। वह AK-47 राइफल से लैस रहता है और जंगलों में छिपकर संगठन चला रहा है। कई बार वह सुरक्षाबलों को चकमा देकर बच निकल चुका है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि उसके मारे जाने से पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी पूरी तरह खत्म हो सकती है।


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