दुर्ग। दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सोमवार को दुर्ग में मनरेगा बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय उपवास किया। यह कार्यक्रम दुर्ग जिले के तीनों जिला अध्यक्षों के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का नेतृत्व दुर्ग ग्रामीण जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर, भिलाई शहर जिलाध्यक्ष मुकेश चंद्राकर और दुर्ग शहर जिलाध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मंच पर उपस्थित रहे और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। दुर्ग ग्रामीण जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने मनरेगा कानून के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के हर परिवार को 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी दी थी, जिससे करोड़ों मजदूरों को आजीविका का सहारा मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार मनरेगा का नाम बदलकर VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) कर रही है, जो कि मजदूरों के हित में दी गई गारंटी को धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में कदम है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा से छेड़छाड़ बंद नहीं की गई, तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। एक दिवसीय उपवास के माध्यम से कांग्रेस ने केंद्र सरकार को मनरेगा को यथावत रखने और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करने का संदेश दिया।

