गरियाबंद। जिले के मैनपुर क्षेत्र में ओपेरा की आड़ में अश्लील नृत्य कराए जाने का मामला अब प्रशासनिक हलकों तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर अश्लील डांस के वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के आदेश पर मैनपुर एसडीएम तुलसी दास मरकाम को उनके पद से हटा दिया गया है और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम की अनुमति देने और उसके संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है। वीडियो वायरल होते ही कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और कार्रवाई के निर्देश दिए। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए अपर कलेक्टर के नेतृत्व में एक जांच समिति गठित की गई है। समिति द्वारा जांच पूरी कर रिपोर्ट आयुक्त (कमिश्नर) को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
क्या है पूरा मामला
गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव में 6 दिवसीय ओपेरा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। आयोजन के लिए ओडिशा से बार डांसर बुलाई गई थी, जिनके द्वारा अश्लील अंदाज में नृत्य किया गया। 8 जनवरी से कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटने लगी और देर रात तक डांस चलता रहा।
मामला तब और गंभीर हो गया जब 9 जनवरी को मैनपुर एसडीएम तुलसी दास मरकाम स्वयं कार्यक्रम देखने पहुंचे। आयोजकों द्वारा उनके लिए आगे की सीट आरक्षित रखी गई थी। आरोप है कि रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक मंच पर अर्धनग्न अवस्था में डांसर नाचती रहीं और दर्शक खुलेआम पैसे लुटाते रहे।
पुलिस की कार्रवाई
10 जनवरी को अश्लील डांस से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देवभोग पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने चार युवकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। वहीं लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया गया है।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला पहलू वह वीडियो है, जिसमें मैनपुर एसडीएम तुलसी दास मरकाम मंच के पास खड़े होकर अश्लील डांस देखते, मोबाइल से वीडियो बनाते और कलाकारों पर पैसे लुटाते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो वायरल होने के बाद न सिर्फ गरियाबंद बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। लोग प्रशासन की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल, जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार है। अब देखना होगा कि इस मामले में शासन-प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है और दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है।

