छत्तीसगढ़ के युवा फिल्मकार एस अंशु ने अपनी डॉक्यूमेंट्री “छत्तीसगढ़ के भीम : चिंताराम” के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। 28 वर्ष की उम्र में उन्होंने न्यूयॉर्क के इजिप्शियन अमेरिकन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और जमैका के फिल्म्स दैट मूव इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में चयनित होकर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इससे पहले यह उपलब्धि 30 वर्ष की उम्र में नीरज ग्वाल के नाम थी। अंशु की फिल्म को 154 देशों से आई 2974 फिल्मों में स्थान मिला, जबकि जमैका फेस्टिवल में 94 देशों की 1956 प्रविष्टियों में भी उसकी मजबूत उपस्थिति दर्ज की गई। यह सफलता प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
डॉक्यूमेंट्री “छत्तीसगढ़ के भीम : चिंताराम” को अंतरराष्ट्रीय पहचान
बलौदाबाजार के 28 वर्षीय निर्देशक एस अंशु की डॉक्यूमेंट्री को दो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में चयनित किया गया है। इससे उन्हें छत्तीसगढ़ का सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयनित निर्देशक बनने का गौरव प्राप्त हुआ है।
न्यूयॉर्क में हुआ विशेष प्रदर्शन
न्यूयॉर्क में 2 नवंबर 2025 को सेंटर फ़ॉर द आर्ट्स परफ़ॉर्मिंग थिएटर में फिल्म का प्रदर्शन किया गया। 154 देशों की 2974 फिल्मों में से केवल 8 भारतीय फिल्मों को मौका मिला, जिनमें यह डॉक्यूमेंट्री भी शामिल थी। दर्शकों और समीक्षकों ने विषय चयन, शोध और प्रस्तुति की खूब सराहना की।
जमैका इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी मिला स्थान
जमैका के फिल्म्स दैट मूव इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में 94 देशों की 1956 प्रविष्टियों में से फिल्म का चयन होना अंशु के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे छत्तीसगढ़ की सामाजिक कहानियों को वैश्विक मंच पर और मजबूती से जगह मिली है।
9 वर्षों का शोध, 3 वर्ष का फिल्मांकन
अंशु ने फिल्म निर्माण से पहले लगभग 9 वर्षों तक दाऊ चिंताराम टिकरिहा के जीवन, समाजसेवी कार्यों, शिक्षा और जनसेवा से जुड़े पहलुओं पर विस्तृत रिसर्च किया। फिल्मांकन के दौरान उन्होंने 245 साक्षात्कार रिकॉर्ड किए, जिनके माध्यम से चिंताराम टिकरिहा के सामाजिक योगदान को व्यापक रूप से दर्शाया गया है।
“यह उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ की” – एस अंशु
अंतरराष्ट्रीय चयन पर एस अंशु ने कहा कि यह सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़ी है। दाऊ चिंताराम जैसे प्रेरणादायक व्यक्तित्व को दुनिया के सामने लाना उनके लिए सम्मान की बात है।

