कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दल विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट चुके हैं। अगले साल वहां चुनाव का आयोजन होना है। इससे पहले राजनीतिक दलों ने लोगों को लुभाने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी एक बड़ा कदम उठाया है। ममता सरकार ने नॉर्थ बंगाल में भगवान महाकाल का मंदिर बनवाने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी के इस कदम को हिंदुओं के दिल को जीतने की एक कोशिश कहा जा रहा है।
कहां और कितने क्षेत्र में बनेगा मंदिर?
चुनाव से पहले ममता फिर से हिंदुओं का दिल जीतने के लिए बेताब हैं। जानकारी के मुताबिक, नॉर्थ बंगाल में भगवान महाकाल का मंदिर बनेगा। ममता बनर्जी ने पहले ही इसकी घोषणा कर दी थी। इस बार कैबिनेट ने इस मंदिर के निर्माण के लिए हरी झंडी दे दी है। ये महाकाल मंदिर नॉर्थ बंगाल के माटीगाड़ा इलाके में बनेगा। महाकाल मंदिर लगभग 17.40 एकड़ से ज़्यादा जमीन पर बनेगा। जमीन की पहचान भी पूरी हो गई है। शुभ दिन तय होने के बाद जल्द ही मंदिर बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दी
PTI की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की कैबिनेट ने सोमवार को एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके बाद राज्य के सिलीगुड़ी के माटीगाड़ा में महाकाल मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीते अक्टूबर महीने में उत्तर बंगाल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। उस वक्त उन्होंने बनर्जी ने हिमालयी शहर दार्जिलिंग की तर्ज पर सिलीगुड़ी में महाकाल मंदिर के निर्माण की योजना की घोषणा की थी।
इससे पहले, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार ने राज्य के दीघा में एक जगन्नाथ मंदिर बनाया था और न्यू टाउन में ‘दुर्गा आंगन’ स्थापित करने की योजना की घोषणा की थी।

