International Latest News: ज्यूरिख: ज्यूरिख में आयोजित डायमंड लीग फाइनल 2025 में भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। वह अपने दूसरे डायमंड लीग खिताब से महज कुछ मीटर दूर रह गए। जर्मनी के जूलियन वेबर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में 91.51 मीटर की थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया।जूलियन वेबर ने फाइनल मुकाबले की शुरुआत में ही अपना इरादा साफ कर दिया। उन्होंने पहला थ्रो 91.37 मीटर का फेंका, जो अपने आप में एक बड़ा मनोवैज्ञानिक बढ़त साबित हुआ। वहीं, नीरज चोपड़ा का पहला थ्रो 84.34 मीटर का रहा, जो वेबर के थ्रो से काफ़ी पीछे था। इस बीच केशोर्न वालकॉट ने 84.95 मीटर की थ्रो कर नीरज को भी पीछे छोड़ दिया।
जूलियन वेबर ने दूसरे प्रयास में 91.51 मीटर की थ्रो की, जो उनका पर्सनल बेस्ट भी था और यहीं से मुकाबले का रुख तय हो गया। इसके बाद नीरज लगातार दबाव में नजर आए। उनका दूसरा थ्रो 82 मीटर का रहा और तीसरा, चौथा और पांचवा थ्रो फाउल रहे। इससे यह साफ हो गया कि नीरज मानसिक तौर पर मुकाबले में पिछड़ चुके थे और लय हासिल नहीं कर पा रहे थे।
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नीरज का आखिरी प्रयास मिला सिल्वर
International Latest News: नीरज चोपड़ा ने अपने छठे और अंतिम थ्रो में 85.01 मीटर की दूरी तय की, जो उन्हें फाइनल में दूसरे स्थान पर ले आया। हालांकि यह थ्रो उनके कौशल को दर्शाता है, लेकिन वे जूलियन वेबर की बेहतरीन शुरुआत की भरपाई नहीं कर सके। इस तरह नीरज को लगातार तीसरी बार डायमंड लीग फाइनल में सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।
नीरज चोपड़ा का डायमंड लीग में सफर
नीरज चोपड़ा ने 2022 में ज्यूरिख में ही डायमंड लीग का खिताब जीतकर इतिहास रचा था। वह डायमंड लीग जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। इसके बाद उन्होंने लगातार तीन वर्षों (2023 – यूजीन, 2024 – ब्रुसेल्स, 2025 – ज्यूरिख) में सिल्वर मेडल जीता है। हालांकि इस दौरान वह एक भी बार 90 मीटर पार नहीं कर पाए, जो उनके लिए एक चुनौती बनी हुई है।
नीरज का योगदान और भविष्य
International Latest News: नीरज चोपड़ा ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर भारत को एथलेटिक्स में गौरव दिलाया था। तब से लेकर अब तक उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। डायमंड लीग में लगातार फाइनल में पहुंचना और शीर्ष खिलाड़ियों के बीच सिल्वर जीतना यह दिखाता है कि वह अब भी विश्व के सर्वश्रेष्ठ थ्रोअर में शामिल हैं। हालांकि, नीरज के चाहनेवाले उम्मीद कर रहे थे कि वह एक बार फिर गोल्ड जीतकर इतिहास दोहराएंगे।डायमंड लीग फाइनल 2025 में भले ही नीरज चोपड़ा गोल्ड जीतने से चूक गए हों, लेकिन उनका प्रदर्शन भारत के लिए गर्व की बात है। जूलियन वेबर का प्रदर्शन लाजवाब रहा, और उन्होंने पूरी तरह से प्रतियोगिता पर नियंत्रण बनाए रखा। नीरज का फोकस अब आगामी अन्तर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट और 2026 में होने वाले एशियाई खेलों पर होगा, जहां वे एक बार फिर से गोल्ड के प्रबल दावेदार होंगे l