International News: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे रूस को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में आर्थिक मदद मिल रही है। उन्होंने इस संघर्ष को “मोदी का युद्ध” तक कह डाला और दावा किया कि भारत की वजह से अमेरिका को यूक्रेन को आर्थिक मदद देनी पड़ रही है, जिससे अमेरिकी करदाताओं पर बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर दे, तो अमेरिका उसे 25% टैरिफ में छूट दे सकता है। अमेरिका ने हाल ही में भारत से आने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ दोगुना कर 50% कर दिया है, जिससे भारत के कपड़ा और आभूषण जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों को बड़ा झटका लग सकता है। इलेक्ट्रॉनिक्स और दवाओं को हालांकि अभी छूट दी गई है।
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इस बीच दोनों देशों ने 90 दिनों का एक टैरिफ संघर्ष विराम भी घोषित किया है
International News: पीटर नवारो का यह भी आरोप है कि भारत उच्च टैरिफ लगाकर अमेरिकी उद्योगों को नुकसान पहुँचा रहा है और बदले में अमेरिका को भारत के फैसलों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने भारत के रुख को अहंकारी बताते हुए कहा कि भारत यह कहकर बच नहीं सकता कि वह अपनी मर्जी से किसी से भी तेल खरीद सकता है। भारत की ओर से कहा गया है कि वह घरेलू तेल कीमतें नियंत्रित करने के लिए रूसी तेल खरीद रहा है, और यह उसकी संप्रभुता का मामला है। दिलचस्प बात यह है कि चीन आज भी रूस से सबसे अधिक तेल खरीद रहा है, लेकिन ट्रंप प्रशासन चीन के प्रति उतना सख्त नहीं दिख रहा है। इसके बावजूद अमेरिका और भारत के बीच व्यापार को लेकर चल रही बातचीत नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। इस बीच दोनों देशों ने 90 दिनों का एक टैरिफ संघर्ष विराम भी घोषित किया है, जिसमें कुछ शुल्क हटाए गए हैं और कुछ जरूरी तकनीकी सामानों के निर्यात पर लगी रोक में ढील दी गई है। पूरी स्थिति अब दोनों देशों के रिश्तों में खिंचाव और कूटनीतिक दबाव का संकेत देती है।