National News: मध्यप्रदेश के इटारसी से एक प्रेरणादायक और भावनात्मक खबर सामने आई है, जहां एक मुस्लिम युवक आरिफ खान ने वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज को अपनी किडनी दान करने की इच्छा व्यक्त की है। आरिफ ने स्थानीय कलेक्टर को पत्र लिखकर यह मंशा औपचारिक रूप से जताई, जिसमें उन्होंने संत के स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपनी स्वेच्छा से उन्हें किडनी दान करना चाहते हैं। आरिफ ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि वे संत प्रेमानंद के आचरण, सादगी, आध्यात्मिक प्रवचनों और समाजसेवा से अत्यधिक प्रभावित हैं।
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National News: उन्होंने यह भी कहा कि आज के नफरत भरे माहौल में प्रेमानंद जैसे संतों का जीवित रहना समाज के लिए जरूरी है, क्योंकि वे हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक हैं। आरिफ ने लिखा मैं रहूं या न रहूं आप संसार की जरूरत हैं।संत प्रेमानंद महाराज लंबे समय से किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं और नियमित रूप से डायलिसिस पर निर्भर हैं। सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों के ज़रिए उनकी स्वास्थ्य स्थिति सामने आने के बाद देशभर से लोग उनके प्रति संवेदना जता रहे हैं, लेकिन आरिफ खान का यह कदम सांप्रदायिक सद्भाव, मानवता और सेवा-भावना की मिसाल बन गया है। यह घटना ना सिर्फ एक बड़ा मानवीय संदेश देती है, बल्कि बताती है कि धर्म से ऊपर इंसानियत होती है।