कोरबा। लगातार हो रही बारिश ने कोरबा जिले में प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी है। पाली क्षेत्र के शांतिनगर बस्ती में जलभराव से परेशान ग्रामीणों का रविवार को गुस्सा फूट पड़ा, जब वे राज्य के डिप्टी सीएम अरुण साव और श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के काफिले के सामने सड़कों पर उतर आए।
पाली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे मंत्रियों को ग्रामीणों ने बीच रास्ते में रोक दिया और तेज नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। जलभराव की समस्या से त्रस्त महिलाओं ने मोर्चा संभालते हुए साफ कहा कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहती हैं।
शांतिनगर में जलभराव, घरों के अंदर तक घुसा पानी
शांतिनगर, परसाभाटा और आसपास के इलाकों में बारिश और अव्यवस्थित जलनिकासी के चलते हालात बदतर हो गए हैं। कई घरों में पानी घुस गया है, जिससे बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के समय यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल सका है।
बर्तन-बैनर लेकर सड़कों पर उतरीं महिलाएं
प्रदर्शन की अगुवाई महिलाओं ने की। वे हाथों में बर्तन, बैनर और ज्ञापन लेकर सड़क पर आ गईं और मंत्रियों का काफिला रोककर ज्ञापन सौंपने की जिद पर अड़ गईं। ग्रामीणों ने परसाभाटा रोड पर करीब आधे घंटे तक रास्ता जाम रखा, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची, फिर आगे बढ़ा काफिला
स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत किया। इसके बाद ही डिप्टी सीएम और श्रम मंत्री का काफिला कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हो सका।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।