Durg Farmer Protest दुर्ग जिले के दुर्ग अंतर्गत धमधा ब्लॉक के परसकोल और खैरझिटी गांव के किसानों ने 40 साल से लंबित मुआवजा भुगतान को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों और महिलाओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी वर्षों पुरानी मांग को फिर से मजबूती से उठाया।
किसानों का कहना है कि करीब चार दशक पहले जल संसाधन विभाग द्वारा सिंचाई नहर निर्माण के दौरान उनकी जमीन अधिग्रहित की गई थी। उस समय अधिकांश प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान कर दिया गया था, लेकिन अब भी 17 किसान ऐसे हैं जिन्हें उनका हक नहीं मिला है। पीड़ित किसानों का आरोप है कि वे वर्षों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है, समाधान नहीं।
इस मामले को लेकर किसान बंधु संगठन के संयोजक टेकराम चंदेल ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि चार दशक बीत जाने के बाद भी किसानों को उनका हक नहीं मिल पाया है। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मांग की कि बचे हुए सभी किसानों को तत्काल मुआवजा दिया जाए और मामले का स्थायी समाधान किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान किसानों और महिलाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
वहीं, इस मामले में प्रफुल्ल कुमार गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि किसानों की मांग को लेकर ज्ञापन प्राप्त हुआ है। जांच में पाया गया है कि कुछ किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन से आवश्यक राशि की मांग की गई है और राशि उपलब्ध होते ही सभी पात्र किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा।
फिलहाल, 40 साल पुराने इस मुआवजा विवाद ने प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है, जबकि किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

