Chhattisgahr News: रायपुर: छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रदेश के 30 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक एवं उद्योगोन्मुखी कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित करेगी। प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (पीएम-सेतु) योजना के तहत प्रदेश के छह क्लस्टरों में पांच वर्षों के दौरान लगभग 1,446 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में मंगलवार को दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए भिलाई स्टील प्लांट तथा एनएमडीसी लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। आईटीआई के आधुनिकीकरण से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और उन्हें रोजगार, स्वरोजगार तथा उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि कौशल विकास को औद्योगिक प्रगति से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को गति दी जाएगी।
प्रदेश के छह क्लस्टरों में होगा आईटीआई का उन्नयन
पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़ और रायपुर क्लस्टर का चयन किया गया है। इन छह क्लस्टरों में छह हब आईटीआई और 24 स्पोक आईटीआई सहित कुल 30 शासकीय आईटीआई का उन्नयन प्रस्तावित है।
योजना के तहत प्रत्येक क्लस्टर में लगभग 241 करोड़ रुपये निवेश किए जाने की योजना है। इसमें हब आईटीआई के लिए 81 करोड़ रुपये और प्रत्येक स्पोक आईटीआई के लिए 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्तीय सहभागिता में केंद्र सरकार की 50 प्रतिशत, राज्य सरकार की 33 प्रतिशत और उद्योग भागीदार की 17 प्रतिशत हिस्सेदारी निर्धारित है।
दुर्ग क्लस्टर में भिलाई स्टील प्लांट बनेगा उद्योग भागीदार
दुर्ग क्लस्टर में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की इकाई भिलाई स्टील प्लांट एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में शामिल होगा। इस क्लस्टर में शासकीय आईटीआई दुर्ग को हब आईटीआई बनाया जाएगा, जबकि शासकीय आईटीआई भिलाई, महिला आईटीआई भिलाई, राजनांदगांव और डौंडीलोहारा को स्पोक आईटीआई के रूप में शामिल किया गया है।
भिलाई स्टील प्लांट की औद्योगिक विशेषज्ञता का लाभ प्रशिक्षण व्यवस्था को मिलेगा। इससे युवाओं को आधुनिक मशीनों, तकनीकों और औद्योगिक कार्यप्रणाली के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बस्तर के युवाओं को मिलेगा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण
बस्तर क्लस्टर के लिए एनएमडीसी लिमिटेड एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में सहभागी होगा। इस क्लस्टर में शासकीय आईटीआई बस्तर को हब आईटीआई तथा जगदलपुर, गीदम, कोंडागांव और नारायणपुर के शासकीय आईटीआई को स्पोक आईटीआई के रूप में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर जैसे जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। एनएमडीसी की भागीदारी से युवाओं को आधुनिक औद्योगिक कौशल सीखने और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने में सहायता मिलेगी।
सरगुजा और कोरबा में भी उद्योगों की भागीदारी की तैयारी
सरगुजा क्लस्टर के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में सहभागिता की सहमति दी है। यहां टाटा IIS का चयन ऑपरेटिंग पार्टनर के रूप में किया गया है। एमओयू की प्रक्रिया के लिए प्रकरण विभाग को प्रस्तुत किया गया है और प्रारूप में आवश्यक संशोधन के लिए एसईसीएल को भेजा गया है।
कोरबा क्लस्टर के लिए एनटीपीसी कोरबा ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में सहभागिता की सहमति दी है। यहां ऑपरेटिंग पार्टनर के चयन की प्रक्रिया जारी है। वहीं, रायपुर और रायगढ़ क्लस्टर के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के चयन की प्रक्रिया भी चल रही है।
हब-स्पोक मॉडल से मजबूत होगा कौशल विकास नेटवर्क
पीएम-सेतु योजना के तहत हब आईटीआई को आधुनिक प्रशिक्षण और तकनीकी संसाधनों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उनसे जुड़े स्पोक आईटीआई भी इन संसाधनों, उपकरणों और विशेषज्ञता का लाभ उठा सकेंगे। इससे विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
योजना के अंतर्गत आधुनिक मशीनें, उपकरण, प्रयोगशालाएं और तकनीकी संसाधन विकसित किए जाएंगे। साथ ही, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में सुधार, प्रशिक्षकों के कौशल उन्नयन और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देने पर जोर रहेगा।
कौशल विकास मंत्री ने बताया युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल
रोजगार, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि पीएम-सेतु योजना प्रदेश के युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल है। आईटीआई के आधुनिकीकरण और उद्योगों की सीधी भागीदारी से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे उनके कौशल में वृद्धि के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव बसव राजू, संचालक हेमंत नंदनवार, एनएमडीसी के कार्यपालक निदेशक संजीव साही, सेल के पवन कुमार सहित संबंधित विभागों और औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

