भिलाई में पीलिया के 23 मरीज मिले, 2 बच्चे ICU में भर्ती, लोग बोले- खरीदकर पानी पीने को मजबूर

भिलाई में पीलिया के 23 मरीज मिले, 2 बच्चे ICU में भर्ती, लोग बोले- खरीदकर पानी पीने को मजबूर

Bhilai Jaundice Outbreak News भिलाई। सेक्टर-7 इलाके में पीलिया (जॉन्डिस) के संदिग्ध मामलों के मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। अब तक 23 संदिग्ध मरीज सामने आए हैं, जिनमें ज्यादातर 12 से 18 साल तक के बच्चे और किशोर शामिल हैं। इनमें से 6 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और दो बच्चों को ICU में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 5 मरीजों में पीलिया की पुष्टि की है।

गुरुवार सुबह करीब 11 बजे स्वास्थ्य विभाग को सेक्टर-7 में पीलिया फैलने की सूचना मिली, जिसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जिला नोडल अधिकारी सी.बी.एस. बंजारे और एपिडेमियोलॉजिस्ट टीम ने सड़क नंबर 37A, 37B और 37C में घर-घर जाकर सर्वे किया, मरीजों और परिजनों से जानकारी ली और जांच कराने की सलाह दी।

जांच के दौरान 10 घरों में से 5 घरों में पीलिया के मरीज पाए गए। एक मरीज का बिलीरुबिन 11.4 पाया गया, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि और भी मरीज हो सकते हैं, इसलिए लगातार सर्वे और पानी के सैंपल लेकर जांच की जा रही है। विभाग ने इलाके के सभी लोगों के सैंपल लेने के निर्देश जारी किए हैं।

जिला नोडल अधिकारी सी.बी.एस. बंजारे ने बताया कि पीलिया गंदे पानी, अस्वच्छ खाने-पीने या बाहर का खाना खाने से फैल सकता है। पानी की जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि पानी उबालकर पीएं, बाहर का खुला खाना न खाएं और बुखार या कमजोरी होने पर तुरंत जांच कराएं।

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पीलिया फैलने का मुख्य कारण गंदे पानी की सप्लाई है। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के चेयरमैन लक्ष्मीपति राजू ने बताया कि सेक्टर-7 में 50 से 60 साल पुरानी पाइपलाइन बिछी हुई है और कई जगह सीवरेज लाइन जाम है, जिससे गंदा पानी पाइपलाइन में मिल जाता है। इस समस्या की कई बार शिकायत की जा चुकी है।

राजू के अनुसार सेक्टर-7 में अब तक 22-23 बच्चे पीलिया से प्रभावित हैं, जिनमें 6 अस्पताल में भर्ती हैं और 2 ICU में हैं। कुछ बच्चों को इलाज के बाद घर भेजा गया है। उन्होंने BSP और HCL से पाइपलाइन सुधारने और वाटर एटीएम लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।

प्रभावित क्षेत्र के लोगों का कहना है कि उन्हें बाहर से फिल्टर और RO वाला पानी खरीदना पड़ रहा है। करण वासनिक ने बताया कि पिछले दो साल से गंदे पानी की समस्या है, लेकिन हाल के दिनों में यह और बढ़ गई है। घर के बच्चों में पीलिया और पेट की समस्याएं बढ़ गई हैं। वार्ड की सोनी पोद्दार ने कहा कि नल का पानी बदबूदार और गंदा है, बच्चों और बड़े सभी को पेट दर्द, बुखार और लूज मोशन की शिकायत है।

वार्ड निवासी अंकिता वासनिक ने बताया कि पानी में कीड़े और मटमैला पदार्थ आ रहा है। बच्चे बीमार हो गए हैं और भविष्य में और अधिक बच्चे प्रभावित हो सकते हैं। स्थानीय लोग फिल्टर वाला पानी लेने को मजबूर हैं क्योंकि नल का पानी पीने योग्य नहीं बचा है।

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