Korba Workers Conference रायपुर। श्रमिकों के सम्मान और सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से कोरबा शहर के टीपी नगर स्थित राजीव गांधी ऑडिटोरियम में श्रमिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सम्मेलन में श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई तथा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता राशि वितरित की गई। इस अवसर पर महापौर संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, नगर निगम सभापति नूतन ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे।
मंत्री लखन लाल देवांगन ने अपने संबोधन में कहा कि श्रमवीर प्रदेश की रीढ़ हैं और उनके खून-पसीने की मेहनत से ही राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिकों और उनके परिवारों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। विगत दो वर्षों में 800 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के खातों में अंतरित की जा चुकी है।
श्रमिकों के लिए आवास निर्माण सहायता, सुरक्षा उपकरण सहायता, महतारी जतन योजना, मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, नोनी सुरक्षा योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति, श्रमिक सियान सहायता योजना सहित कई सामाजिक सुरक्षा योजनाएं संचालित हैं। बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए मेरिट में आने वाले श्रमिकों के बच्चों को 1 लाख रुपये की मेधावी छात्रवृत्ति तथा विदेश अध्ययन हेतु 50 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।
मंत्री ने बताया कि कोरबा श्रमिक बाहुल्य जिला है, जहां बाल्को, एनटीपीसी और एसईसीएल जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान स्थापित हैं। वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत श्रमिकों को 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही श्रमेव जयते पोर्टल और कॉल सेंटर के माध्यम से शिकायतों के त्वरित निराकरण की व्यवस्था भी की गई है।
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और श्रम कल्याण मंडल की योजनाओं के तहत 3110 श्रमिकों को कुल 1 करोड़ 23 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। कार्यक्रम स्थल पर विभागीय स्टॉल के माध्यम से श्रमिकों का पंजीयन और नवीनीकरण किया गया तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण और निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया।

